जैसा खाओ अन्न वैसा हो मन

शुक्रवार, 9 जनवरी 2009

2 टिप्पणियाँ:

अजय मोहन ने कहा…

अरे दीदी जी कुछ लिखे बिना ही पोस्ट डाल दी क्या बात है कुछ गोपनीय संदेश है क्या किसी के लिए??

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

कृष्णा जी,
मन तो बाग़ बाग़ हो गया, शीर्षक पढ़ कर ही आगे लिखेंगी तो बल्लियों उछलने लगेगा ;-)
जय जय भड़ास

प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। कोई भी अश्लील, अनैतिक, असामाजिक,राष्ट्रविरोधी तथा असंवैधानिक सामग्री यदि प्रकाशित करी जाती है तो वह प्रकाशन के 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएगी व लेखक सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। यदि आगंतुक कोई आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल संचालक को सूचित करें - rajneesh.newmedia@gmail.com अथवा आप हमें ऊपर दिए गये ब्लॉग के पते bharhaas.bhadas@blogger.com पर भी ई-मेल कर सकते हैं।
eXTReMe Tracker

  © भड़ास भड़ासीजन के द्वारा जय जय भड़ास२००८

Back to TOP