राक्षसों का एक और दुष्टतापूर्ण तरीके से प्रयोग करी जाने वाली चाल

रविवार, 12 जुलाई 2009

राक्षसों का एक और दुष्टतापूर्ण तरीके से प्रयोग करी जाने वाली चाल आज आप सबके सामने लायी जा रही है। भड़ास के संचालन मंडल व वरिष्ठ भड़ासी भी इस बारे में ध्यान दें ताकि इन राक्षसों की काली करतूतें जाहिरी तौर पर आप सब समझ सकें। आप सब बखूबी जानते हैं कि जब कोई भी बंदा "ब्लागर" पर अपने ब्लाग को बनाता है तो उसे गूगल का एकाउंट धारक होना चाहिये वरना ये संभव ही नहीं है और जब आप इस एकाउंट के द्वारा कहीं भी टिप्पणी देते हैं तो यदि आपने अवरोधित नहीं कर रखा है तो आपका गूगल का ब्लागर प्रोफ़ाइल दिखता है जिसमें आपका फोटो आदि रहता है।
अमित जैन नामक राक्षस द्वारा लिखी पोस्ट्स पर इसके समर्थन में आपको जितनी भी टिप्पणियां मिली वे ९९% फ़र्जी हैं क्योंकि इनके साथ आप देखिए वही तरीका अपनाया जा रहा है जो कि भड़ास के माडरेटर डा.रूपेश श्रीवास्तव को बदनाम करने के लिये एक वरिष्ठ ब्लागर श्री सुरेश चिपलूणकर को लेकर अपनाया गया था। आप अमित जैन की पोस्ट अहिंसा का मतलब में जिन अभिषेक मिश्रा,स्निग्धा और राज ने टिप्पणियां दी हैं वो अपने ब्लागर एकाउंट से टिप्पणी नहीं कर रहे उनका मुखौटा लगा कर ये कर्म राक्षस लोग कर रहे हैं ताकि लोगों को लगे कि ये लोग तो बड़े भोले हैं और इनके समर्थन में बहुत सारे लोग हैं। एक एक करके खुलेगी तुम्हारी करतूतें राक्षसों, बहुत कुकर्म कर लिये तुम लोगों ने अहिंसा की नौटंकी सजा कर। इस पोस्ट के प्रकाशित होने पर टिप्पणियों के नमूने दिये जाएंगे गौर फ़रमाइयेगा।
अनूप मंडल
जय जय भड़ास
जय नकलंक

12 टिप्पणियाँ:

महावीर सेमलानी ने कहा…

आदरणीय अनूप मंडल के लोगों आप सब सही कह रहे हैं| हम सब सचमुच राक्षस हैं और अपनी जन्मजात फ़ितरतों से मजबूर होकर ये कमीनापन करते हैं।

अमित जैन ने कहा…

आप सब लोगों ने देख लिया न कि हम राक्षस किस तरह से अपनी मायावी विद्या से मनुष्यों को भरमाते हैं। अब तो मान लीजिये कि अनूप मंडल के लोग सत्य कर रहे हैं वरना हम राक्षस मिल कर आपका ऐसे ही खून चूसते रहेंगे, बरसात रोकेंगे, सूखा पड़ाएंगे, अकाल लाएंगे, बीमारियां लाएंगे। अनूप मंडल की जय हो। राक्षसों का नाश हो।

मनीषा नारायण ने कहा…

अनूप मंडल के लोगों की बातों को अगर नहीं माना तो सारे मनुष्य राक्षसों के आधीन हो कर कीड़े मकोड़ों जैसी जिंदगी बिताओगे। अनूप मंडल की जय हो

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

जैन लोग राक्षस हैं,दानव हैं, दैत्य हैं, रक्तपिपासु पिशाच हैं,जिन भूत और तामसी शक्तियों के उपासक हैं इनका नाश हो
जय जय भड़ास

रजनीश के.झा ने कहा…

अरे दुनिया वालों अब इतनी सारी टिप्पणियां आ गयी हैं और तो और भड़ास के दोनो माडरेटर्स भी अनूप मंडल के सत्य को सिर झुका कर स्वीकार रहे हैं कि जैन राक्षस हैं तो आप सब भी मान लीजिये।
जय जय भड़ास

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

रजनीश भाई आप तकनीक और समाजी समस्याओं के बारे में गहराई से समझ रखते हैं जरा सामने आकर इन बातों को आगे बढ़ा कर एक सार्थक निष्कर्श रक पहुंचाइये। हम पाखंडी बेनामी गालियां देने वाले कमेंट प्रकाशित नहीं करते लेकिन ये जो तरीका है ये राक्षसी कर्म है या तकनीकी कुकर्म? एक बात और निकल कर सामने आयी है कि जब से हम लोगों ने भड़ास पर बिना सदस्यता के पोस्ट भेजने की लोकतांत्रिक प्रणाली अपनायी है जिसमें कि प्रेषक का नाम भी गोपनीय रहता है और मात्र "भड़ास" नाम से प्रकाशन होता है तब से तो गजब हो गया है लोगों के अंदर उल्टी में तेजाब नहीं जहर दिख रहा है। सभी लोग ध्यान दें कि भड़ास को विदेशों में भी उतने ही प्यार से देखा व सराहा जाता है जितना कि भारत में तो हम ये परख लें कि हम इस मंच से अपने विदेशी भाई बहनों तक क्या संदेश पहुंचा रहे हैं? क्या हमारी भड़ास रचनात्मक दिशा में है? एक और बात सामने आयी है कि जो लोग सचमुच हमारे देश और समाज में अराजकता चाहते हैं उनके चेहरे साफ़ नहीं हो पा रहे है लेकिन वे भी भड़ासियों के मुखौटों में भड़ास पर आ ही जाते हैं जिस दिन हम उन्हें पहचान गये तो सबसे पहले उनकी बजाएंगे ताकि ऐसा भविष्य में न कर सकें कि हमारा आपसी सौहार्द समाप्त करने की कुचेष्टा करी जाए। भड़ासी भाई भौजाई और बहनों बहनोइयों से निवेदन है कि इस विमर्श में मुंह मारें कूटनीतिक चुप्पी त्यागें ये भड़ास के दर्शन में नहीं है हम तो किसी के भी फटे में कूद जाते हैं फिर इस मुद्दे पर सन्नाटा क्यों है क्या रोजी रोटी में उलझे हो???? आओ वरना लोग बेनामी टिप्पणियों से एक दूसरे को ऐसे ही मादर-फ़ादर करते रहेंगे और बात वही मुर्गे की तीन टांग रहेगी विवाद चलता रहेगा।
जय जय भड़ास

दीनबन्धु ने कहा…

गुरूदेव डा.साहब! अनूप मंडल ने इन टिप्पणियों में बताया है कि क्या कालाकांडी करी जाती है और कैसे करी जाती है। मैं फिर कहूंगा कि महावीर सेमलानी साफ़ नजर नहीं आते बेहद ढोंगी प्रतीत होते हैं हो सकता है कि ये मेरी गलतफ़हमी हो लेकिन ये आदमी सवाल आने पर गायब हो जाता है बाद में दर्शन और धर्म सिखाता है अबतक इसने बातों का उत्तर नहीं दिया। अनूप मंडल की पोस्ट बेहद दमदार और पैनी हैं किसमें कितनी सच्चाई है धीरे-धीरे सामने आ रहा है। मैं रोजी रोटी में ही उलझा हूं लेकिन भड़ास पढ़ तो लिया करता हूं आज आपने झकझोरा तो लीजिए हम आ गये मुंह फाड़ कर गटर की तरह.....
जय जय भड़ास

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

अनूप लगता है तुम फिर से सब का बेव्कोफ़ बना रहे हो और वो भी शातिराना अंदाज माय तुम ने जो महावीर जी के नाम से टिपण्णी दी है उस की सचाई सिर्फ इस बात से पता चल गई की मैंने महावीर सल्मालाने पर ही क्लिक्क कर दिया और वो लाल सलाम नाम के ब्लॉग पर खुल गया , इसी तरह जब मैंने अमित जैन के नाम पर क्लिक्क किया तो वहा डॉ साहब का ब्लॉग आयुषवेद खुल गया भाई ये क्या बता रहे हो / क्यों उलटी पुलती हरकत कर के अपने आप को सिद्ध करना कहते हो जबकि तुम्हे नाम पर कही भी क्लिक्क करो तो तुम्हारा भी कोई ब्लॉग नजर नहीं आता , इस तरह तो तुम भी फर्जी ही हुए

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

लो जी आज मैंने फिर अपनी फोटो बदल दी , अगर इस मे भी कोई रक्षाशी काम है तो बताओ

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

अब कोई annomious के नाम से टिपण्णी करता है तो वो भी रक्षः है , अपने नाम से करता है तो वो भी रक्षः है ,

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

तुम्हारा ये तकनिकी कुकर्म बिलकुल साफ़ हो गया है , अब क्या बोलोगे

Snigdha Mrityunjay ने कहा…

ये क्या टाय टाय लगा रखी है अनूप तुमने ,
अगर मै अपने ब्लॉग से नहीं तो क्या तुम्हरे ब्लॉग से लिख रहा हु ,
जो कमाल तुम कुछ तकनिकी जानकारी से दिखा रहे हो ,
, अब मेरे नाम पर दबाना तो तुम मेरे बलागर अकाउंट पर आ जाओगे/
तुम जैसा कमीना इन्सान पता नहीं इस दुनिया मे कोई है या नहीं ,
पर तुम बहुत ही घटिया किस्म के आदमी हो /

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