बिहार से बदतर प्रदेश की शिक्षा

बुधवार, 23 सितंबर 2009

पिछले सालों से जितने प्रयोग स्कूल शिक्षा में हुयें शायद प्रदेश की बडी बड़ी प्रयोग शालाओं में भी नही हो सके हैं प्रारंभिक से लेकर हायर सेकंडरी तक छात्र- को शिक्षकों का इंतजार हैं शिक्षकों की भर्तीकरना तो दूर अधिकारियो से लेकर नेता तक सभी शिक्षकों को पढाने में जुटे हैं कुल मिलाकर शिक्षकों के अलावा सभी पढा रहे हैं सारे स्कूल मात्र सरकारी योजनाओं की नर्सरी बनकर रह गये हैं स्कूल भवनों के निर्माण कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती के लिए बनी योजनायों घोटालो की बलि चढ़ गयें वही प्रवेश बढाने के लिए चलाई गई साईकिल गणवेश पुस्तके वितरण से जुडी योजनाये अपनी धीमी गति के कारणबेमानी साबित हो रही हैं गुणवत्ता के नाम पर सत्र जरुर अक अप्रैल को शुरू कर दिया गया लेकिन साठ फीसदी स्कूलों में अब तक सरकार द्वारा चलाये जा रहे दक्षता संवर्धन का खाता तक नही खुला सरकार को प्रयोग भरी पड़ते नगर आ रहे हैं
जय जय भड़ास

2 टिप्पणियाँ:

मुनव्वर सुल्ताना ने कहा…

दीदी बड़े दिनों बाद लिखा लेकिन जो लिखा है वह शानदार है कि जिसे देखो वही टीचरों को पढ़ा-पढ़ा कर मारे डाल रहा है
जय जय भड़ास

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