क्षेत्रों को बदलने का ठेका औडिट ब्यूरो सर्कुलेशन की पास.

गुरुवार, 17 दिसंबर 2009


जरा औडिट ब्यूरो सर्कुलेशन के पुस्तक के इस पनने को देखिये। आज जहाँ हम एक भारत की बात करते हैं, भाषा और क्षेत्र से परे राष्ट्रीयता के लिए गाहे बगाहे आम लोग हों या तंत्र, मीडिया हो या राजनैतिक दल। राष्ट्रीयता के लिए सभी जगह क्षेत्रवाद से परे देसोन्मुख होने के लिए अभियान चलाते हैं वहीँ ए बी की अपने पुस्तक में क्षेत्रों का ब्योरा कुछ यूँ देता है कि अंडमान और निकोबार और पूर्वी क्षेत्र में रख भारतीय सीमा को ही चुनौती दे रहा है।

अब तक तो इस प्रकार का कार्य मीडिया ही करता रहा है मगर मीडिया के प्रसार और पठाक का ठेका लेने वाले ए बी सी ने जिस तरह के ब्योरे अपने इस पुस्तक में दिए हैं हम अपने सीमा के बारे में सोचने पर मजबूर हैं।

जय जय भड़ास

1 टिप्पणियाँ:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

भाई,आप ज्यादा कस कर डंडा करेंगे तो बस एक लिपिक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा, कारोबार चलता रहेगा। दूसरी बात कि गनीमत है कि ये क्षेत्र अभी भी देश में ही बताए जा रहे हैं, अरुणांचल प्रदेश तो साला देश में होकर भी चीनी बंदर अपने नक्शे में दिखाते हैं और भारत की सरकारें अमेरिका के आगे रिरियाती रहती हैं
जय जय भड़ास

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