नववर्ष मंगलमय हो, जिंदगी रसमय हो !

बुधवार, 30 दिसंबर 2009

सबसे पहले आपको नये वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, साथ में बड़े-बड़े फूलों की मालाएं और इससे भी नया साल न समझ में आये तो डिस्को में जाकर, डीजे की धुन में जोर-जोर चिल्लाएं। फिर शायद आपको नया साल मनाने का असीम आनंद आ ही जाये। यदि इससे भी बात न बने तो यंग जेनेरेशन की भांति मदिरा के हल्के-हल्के दो पैग जरुर लगायें। इससे क्या होगा कि नया साल मने चाहे न माने लेकिन आपको मज़ा अवश्य आ जाएगा। आखिर जश्न मनाने का अंतिम पड़ाव तो मजा लूटना ही रहता है, सो आप सीधे सीढ़ी से उतरने की बजाए, डायरेक्ट लिफ्ट का सहारा लें। इससे न केवल नववर्ष मनाने का मज़ा आयेगा, बल्कि आपके आनंद की अनुभूति भी असीम हो जाएगी। तो आईये हम सब मिलकर हैप्पी न्यूईयर ट्ïवेंटी-टेन को सेलिब्रेट करें। अरे! ट्ïवेंटी-टेन नहीं समझे? मेरे साथ कोशिश करें समझ में आ जाएगा... अभी ट्ïवेंटी-ट्ïवेंटी का बुखार उतरा भी नहीं था कि ट्ïवेंटी-टेन का फीवर युवाओं के सिर चढ़ गया। सिर चढ़ ही नहीं गया, बल्कि अंधाधुंध डांस करने लगा। अब आप पूछेंगे कि भला ये ट्ïवेंटी-टेन क्या बला है? महाराज यह कोई बला-वला या तबला नहीं है, यह तो खालिस नाम है इस नये साल का। बिल्कुल आधुनिक, लेेटेस्ट और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड वाला नाम! अब भारतीय कहने में शरम से मुंह लाल हो जाता है, तो इंडियन कह लेते हैं। नयी पीढ़ी कहने में लाज आती है, तो यंग जेनेरेशन का तगमा लगाकर सीना गर्व से फुला लेते हैं। आने वाली पीढ़ी कहने में जीभ लडख़ड़ा जाती है तो जेनेरेशन नेक्स्ट कहकर जीह्वïवा को आराम व पिछड़ेपन के बोध को विराम दे देते हैं। कुछ इसी तरह का है यह नया तजऱ्ुमा जिसे आजकल ट्ïवेंटी-टेन नामक मॉर्डन नाम से विभूषित किया जा रहा है। आप इसे सन्ï 2010 कह सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि इसमें निहायत पिछड़ापन व विशुद्ध भारतीयता की बू आती है। यंगिस्तान इसे कबूल नहीं करेगा, हां बड़े-बूढ़ों के सामने आप बिना हिचक सन्ï 2010 कह सकते हैं। गलती से भी यंग जेनेरेशन के सामने न कहें, अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं। तमाम तरह की मॉडर्न गालियों से आपको विभूषित किया जा सकता है तथा प्राचीन जाहिलियत से आपका श्रृंगार कर दिया जायेगा। इसलिए अच्छा यही होगा कि दबाव में ही सही लेकिन नये साल का स्वागत ट्ïवेंटी-टेन कहकर ही करें। ये नये ज़माने की नयी जेनेरेशन का नया शब्द है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक गति से लोगों की जुबान तक पहुंचाया गया है और यहीं शब्द अब लोगों की जुबां पर चढ़ गया है। खैर यह अपना-अपना अंदाज है, नया रिवाज़ है, नयी आवाज़ है और इन सबसे बढ़कर यंगिस्तान का यंग मिज़ाज है। मनाने दीजिए उन्हें अपने हिसाब है। हम अपना गुणा-गणित क्यों फेल करें? भई वे भी तो पलटकर पूछ सकते हैं कि क्या जरुरत भी हमें अंग्रेजों का बेलबॉटम पैंट और कॉलरदार बुशर्ट अपनाने की। रहे होते, वही धोती-कुर्ता पहने और गमछा लपेटे! कौन सा पहाड़ टूट पड़ता जब अंग्रेजी फिल्मों की नकल करके सिनेमा नहीं बनाया होता, विदेशी गानों की जबरदस्त नकल कर आइटम सांग न बने होते। कम से कम प्योर भारतीय सिनेमा तो बचा होता। शास्त्रीय संगीत की स्वरलहरियां तो बची होतीं, लेकिन नहीं जी! आप करें तो शुभानअल्लाह और हम करें विस्मिल्लाह! यह तो सचमुच में नयी पीढ़ी के साथ घोर अत्याचार है, इमोशनल ड्रामा है कि आप ये करें वह न करें। सच पूछिये तो सारा किया धरा उन्हीं तथाकथित विरोधियों का है, जो खुद तो शूट पैंट टाई का मोह छोड़ नहीं पाते और यंग जेनेरेशन को धोती-कुर्ता पहनाने की सलाह देते हैं। खुद तो विदेशी कारों में चलने को उतावले होते हैं, पर यंग जेनेरेशन को टमटम पर चलने का ज्ञान बांटते नहीं अघाते। इनकी पूरी कोशिश
होती है कि अंदरखाने आइसक्रीम व कोल्ड ड्रिंक का मजा ये लें और यंग जेनेरेशन को गुड़ का शरबत पीने के लिए बाध्य कर दें। इस साल भी ये महान आत्माएं सड़कों पर लट्ïठम्ï-लट्ïठ रहेंगी और हैप्पी न्यू ईयर मनाने वालों को गुडी-गुडी फील नहीं होने देंगी। खैर, यह सब तो चलता ही रहता है। कभी हल्के में कभी भारी में, मगर आप अपनी तैयारी पूरी कर लिजिए और नये साल का दिल खोलकर स्वागत किजिए। नववर्ष के मंगलमय होने का मामला फंसना नहीं चाहिए और आगामी जिंदगी रसमय बनी रही इसी कामना के साथ हैप्पी न्यूईयर ट्ïवेंटी-टेन! ओय-होय ये मैं क्या बोल रहा हूं, खालिस जेनेरेशन नेक्स्ट की भाषा। भईये ये नहीं बोलूंगा तो सुनेगा कौन यार? वैसे भी सुनने के लिए कान के छिद्र खुले होने चाहिए, यहां तो कानों में कनठुसवा...सॉरी सॉरी इंपोर्टेड हेडसेट ठूंसा रहता है। तो आप कुछ भी बोलिए, गाईये, चिल्लाईये कोई ध्यान देने वाला नहीं है और न हीं ध्यान से सुनने वाला, तो बेफिक्र होकर अपने हिसाब की बातें बोलिए, अपने ढंग से हैप्पी न्यूईयर विश करिये। जनाब! सुनने को तो आजकल लोग नेताओं का भाषण नहीं सुनते हैं, टीचर का व्याख्यान नहीं सुनते हैं, पुलिस की सीख नहीं सुनते हैं, तो आप भला किस खेत की मूली हैं, जो लोग आपको सुनेंगे। मस्त रहिये और जो मन में आये बकते रहें, कोई अपोजिसन नहीं, कोई आपत्ति नहीं, कोई कमेंट नहीं, कोई परमानेंट नहीं, सबकुछ नश्वर है। इसलिए एक बार फिर से नववर्ष मंगलमय हो, जिंदगी रसमय हो, आमजनता की जय हो, नेताओं में भय हो, आतंकवादियों का क्षय हो, मंहगाई का नाश हो, लुगाई का कल्याण हो, अपनी विजय हो, परायों की भी जय हो।
जय भड़ास जय जय भड़ास

4 टिप्पणियाँ:

रश्मि प्रभा... ने कहा…

आमीन !

नए साल की नज्में
शुभकामनाओं के मलयानिल से
आरत्रिका की तरह आई हैं
हर किरणों में स्नेहिल दुआएं -
तुम्हारे लिए !
नया साल
तुम्हें तुम्हारी पहचान दे
पहचान को सलामत रखे
आतंक के साए को दूर करे
रग- रग में विश्वास भर जाये
खूबसूरत सपने
हकीकत में ढल जाएँ
जो पंछी अपने बसेरे से भटक गए हैं
वे लौट आयें
कहीं कोई द्वेष की चिंगारी ना रहे
ठंडी हवाएँ उन्हें शांत कर जाएँ
मुस्कानों की सौगातों से
सबकी झोली भर जाये............
आओ मिलकर कहें -
; आमीन '...

Chhaya ने कहा…

Mere sabhi Bharhasi bhaiyo aur pyari beheno ko nav-varsh ki dher sari shubhkaamnae :)

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

विक्रम संवत,शक संवत,शालिवाहन संवत,हिजरी संवत,ईसवी संवत.....
हर पल, हर सांस नयी है बस महसूस करके तो देखिये समय का आयाम साल के दायरे में हमने बांटा है समय का बहाव तो एक सा ही रहता है बस अपेक्षाएं,इच्छाएं,आकांक्षाएं जूझती रहती हैं अपनी पूर्ति के लिये..... सो हर पल की शुभकामनाएं
जय जय भड़ास

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

आपको भी नव वर्ष की शुभकामना

जय जय भड़ास

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