डॉ रुपेश जी एक लंबे अरसे से अवैध जहरीली शराब के खिलाफ लडाई जारी रखे हैं
सोमवार, 29 दिसंबर 2008
आप लोग जानते होंगे कि अपने डॉ रुपेश जी एक लंबे अरसे से अवैध जहरीली शराब के खिलाफ लडाई जारी रखे हैं जिसमे कि वे कई बार मारे पीटे गए लेकिन अगर पंगेबाजी में नोबल पुरूस्कार मिलता तो इन जनाब को लगातार मिल रहा होता। अभी कुछ दिनों पहले फिर से जब शराब माफिया ने राजनैतिक सहयोग से जड़ पकड़नी शुरू कर दी तो हमारे जनाब ताव में आ गए कि भला मैं दारु नही पीता तो बाकी उन लोगो को क्यों पीने दूँ जो ख़ुद ही मरना चाहते हैं। अभी हाल ही में हमारे जिले में इसी शराब से कई मौते हो गई थी तो जनाब दुखी हो गए और लग गए धंधे पर एक बार फिर से बंद कराने के लेकिन इस बार पंगा ज़रा बड़ा है क्योंकि इस बार स्थानीय कार्पोरेटर के रिश्तेदार लपेट में आ गए हैं। दुनिया बनाने वाला दारु पीने वालो को अक्ल दे और हमारे डॉ साहब को ऐसे ही साहस और ताकत......लीजिये मेरे मोबाइल से खिंची इस अस्पष्ट तस्वीर पर नजर मारिये जो आज के नवभारत टाईम्स में छपी है इसमे आप देख सकते हैं स्थानीय कार्पोरेटर के रिश्तेदारो के नाम ......... कार्पोरेटर सुनील गोविन्द बहिरा फुल खुन्नस में है लेकिन क्या करे हमारे डॉ साहब तो पिटाई प्रूफ़ हो चुके हैं मार पीट का असर ही नही होता इन पर कितना तो पिट चुके हैं इस मिशन में पर बाज नही आते।

