भड़ास का नया यु आर एल, अब भड़ास का पता लिखना आसान।
गुरुवार, 29 जनवरी 2009
www.bharhaas.blogspot.com के साथ www.bhadas.tk अब अपने भड़ास का आसान पता है।
दोस्तों, भड़ास अपनी आत्मा और चिंतन के साथ नए पते के साथ सामने आया, हमने नए भड़ास में विचारों के माध्यम से आम लोगों की आत्मा को जोड़ने का प्रयास किया। जहन पंखे वाले भड़ास लाला जी की दुकानमें तेल साबुन की तरह लेखकों की भावना और सम्मान बेचने की जगह बनता जा रहा है वहीँ विचारों की आजादी और स्वतन्त्रता के साथ सबको अपनी बात बिना किसी हस्तक्षेप के रखने के साथ उस पर विचार कर सम्मिलित प्रयास का सार्थक मंच बनने की हमारी कोशिश जारी है।
पंखे वाले भड़ास जो लोगों के विचार का बलात्कार कर bhadas4media और pradhanjii.com नामक दुकान खोलने की जुगत के साथ भडासियों का भरपूर उपयोग कर रहा है ने ही विचार की क्रांति के इस नये भड़ास को जन्म दिया जिसने भड़ास को जिया और मूर्त रूप दिया वो भड़ास की आत्मा के साथ पंखे को छोर धरातल पर आ गए।
हमने भड़ास के आसान यु आर एल आपके सामने रखे हैं जिससे आप सीधे भड़ास के पन्ने पर जा सकते हैं।
जय जय भड़ास
