शनिवार, 21 फ़रवरी 2009

ज्योतिषी जी ,
आपने मेरे बारे में जो कुछ बताया ,
बिल्कुल ठीक बताया।
मैं दफ्तर जा रहा हूं ,
लौटकर आपको दक्षिणा दूंगा।
' ' दक्षिणा अभी देता जा बेटा ,
क्योंकि ग्रहों की स्थिति के अनुसार आते समय बस में तुम्हारी जेब कट जाएगी। '

3 टिप्पणियाँ:

अजय मोहन ने कहा…

:) मजा आ गया
जय जय भड़ास

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

अमित भाई अगर कोई भड़ासी आपकी इन हरकतों से हास्य-अटैक आकर मर गया तो आप उसकी नैतिक जिम्मेदारी लीजिये क्योंकि मेरे भी फ़ेफ़ड़े जरा कमजोर ही हैं शायद... हंसते हुए पेट दुखने लगता है कोई दवा नहीं है हास्य अटैक की आयुर्वेद में... लाइलाज है मेरे भाई
जय जय भड़ास

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

अमित भाई,
बहुत खूब.
मजा आ गया, आप तो हास्य के शहंशाह होते जा रहे हैं.
धन्यवाद.
जय जय भड़ास

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