लो क सं घ र्ष !: पुलिस पर कब्ज़ा करने की नई रणनीति

शनिवार, 5 दिसंबर 2009

टेलिकॉम कंपनियों ने अपने मुनाफे के लिए आबादी क्षेत्र में नियमो-उपनियमों का उल्लंघन मोबाइल टावर लगा कर रखा हैजिससे अधिकांश जनता का जीना दूभर हो गया हैटेलिकॉम कंपनियों ने लोगो की छतों पर मोबाइल टावर लगा रखे हैंमोबाइल टावर को संचालित करने के लिए बड़े-बड़े जनरेटर छत पर रखे हैंजनरेटर चलने से उत्पन्न कंपन से पड़ोसियों के मकान चिटक रहे हैंशोर से आबादी क्षेत्र में रहने वाले लोगो को काफ़ी असुविधा होती हैमोबाइल टावर क्षेत्र में तरंगो से लगातार बन रहे बादल से मानव जीवन के ऊपर क्या प्रभाव पड़ेगा यह आने वाला समय ही बताएगामोबाइल टावर के कारण जगह-जगह विवाद उत्पन्न हो रहे हैं जिनसे निपटने के लिए टेलिकॉम कंपनियों ने पुलिस विभाग को अपने कब्जे में करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन को प्रस्ताव दिया है कि प्रदेश के 15 सौ थानों में पुलिस लाइन्स में मोबाइल टावर लगाने के लिए किराए पर दे दिए जाएँयह उनकी सोची समझी रणनीति का हिस्सा हैनागरिको से विवाद होने पर पुलिस टेलिकॉम कंपनियों की तरफ़ ही होती है और यदि वह पुलिस विभाग के किरायेदार हो जाएँ तो मालिक और किरायेदार मिलकर नागरिको का जीना दूभर कर देंगेटेलिकॉम कंपनियों ने बहुत सोच समझ कर पुलिस विभाग पर कब्ज़ा करने की रणनीति अपनाई हैटेलिकॉम कंपनियां जनता से तरह तरह के लोक लुभावन वादे करती हैं जो वास्तव में अप्रत्यक्ष रूप से ठगी के कोटि अपराध होता हैएक छोटा सा बिन्दु लगा कर बहुत ही महीन शब्दों में लिखा होता है कि कुछ शर्तें लागू हैं जिनको उपभोक्ता ध्यान नही दे पाता है और ठगा जाता हैइस तरह से टेलिकॉम कंपनियां अपने अपराधों में पुलिस के नजदीक रहकर छिपाना चाहती हैं

सुमन
loksangharsha.blogspot.com

2 टिप्पणियाँ:

मुनव्वर सुल्ताना ने कहा…

भाई आपने गहरी साजिश का पर्दाफाश करा है वस्तुतः इन बनियों की सोच यही है
जय जय भड़ास

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

बहुत सही,
जनजागरूकता के लिए आपकी मुहीम शानदार है,
जय जय भड़ास

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