परम फ़ादरणीय गौरव महाजन जी - ४

मंगलवार, 20 अप्रैल 2010

दूसरा उदाहरण वंदनीय महान पिता श्री देते हैं भूतपूर्व राष्ट्रपति कलाम का जिन्होंने खुद को मिसाइल मैन कहलवाने में कभी कोई आपत्ति न करी लेकिन उनकी महानता ये कि जितने भी न्यायिक केस राष्ट्रपति के पास विचार के लिए लंबित थे उनकी तरफ अपने पूरे कार्यकाल में एक सेकंड भी न दिया, जस्टिस आनंद सिंह से मुलाकात के विषय में तो सोचने में भी शायद उन्हें बुखार आ जाता था, अब ये बात दीगर है कि हमारे आदरणीय पिताश्री को जस्टिस आनंद सिंह के बारे में पता ही न हो इनके इस भूतपूर्व राष्ट्रपति आदर्श ने देश की सामरिक शक्ति तो बढ़ा दी लेकिन कभी इस दिशा में न सोचा कि जिस देश में लोग अब तक रोटी के सवाल से जूझ रहे हैं वहाँ मिसाइल ज्यादा जरूरी है या अन्य मुद्दे अधिक वरीयता से विचारणीय हैं? जस्टिस आनंद सिंह के बारे में पिता श्री नहीं जानते हैं इसका कारण शायद ये हो सकता है कि ये एक सामाजिक सोच के महान व्यक्ति हैं इसी लिये इन्होंने स्पष्ट लिखा है कि मैं अपनी खोखली काग़जी डिग्रियों की बात न करूं क्योंकि बहुत संभव हो कि M.D. और Ph.D. करे लोग तो इनका शौचालय साफ़ करते होंगे और टट्टी साफ़ करते ऐसी न जाने कितनी कागजी डिग्रियाँ इधर उधर लेकर फेंक देते होंगे।
जय जय भड़ास

1 टिप्पणियाँ:

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

अरे महा भडासी,
किस चूतिये से लग गए, ये अनपढ़ जाहिल और बेहूदा भी है, बौद्धिकता की बात हो तो शास्त्रार्थ के लिए चुनौती दे डालो, इसे भी देख लेंगे और इसके पिता जी को भी.
जय जय भड़ास

प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। कोई भी अश्लील, अनैतिक, असामाजिक,राष्ट्रविरोधी तथा असंवैधानिक सामग्री यदि प्रकाशित करी जाती है तो वह प्रकाशन के 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएगी व लेखक सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। यदि आगंतुक कोई आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल संचालक को सूचित करें - rajneesh.newmedia@gmail.com अथवा आप हमें ऊपर दिए गये ब्लॉग के पते bharhaas.bhadas@blogger.com पर भी ई-मेल कर सकते हैं।
eXTReMe Tracker

  © भड़ास भड़ासीजन के द्वारा जय जय भड़ास२००८

Back to TOP