गुफ़रान सिद्दकी ! धार्मिक कट्टरता दिखा कर बताइये कि भारत काफ़िर मुल्क है या नहीं?

शनिवार, 26 जून 2010

गुफ़रान सिद्दकी साहब आपने जिस तरह से धार्मिक कट्टरता की बात छेड़ी थी उसको लेकर संजय कटारनवरे ने आपके सामने एक उदाहरण रखा आपकी धर्म की पुस्तक कुरान के रूप में और आपसे सवाल भी करा गया कि क्या ये सचमुच लिखा है या इसमें किसी ने कम्प्यूटर से छेड़खानी करी है तो आपने कोई उत्तर क्यों नहीं दिया अब तक इस बारे में।
आप से सिर्फ़ और सिर्फ़ एक ही सवाल है कि हमारा(और आपका भी) देश भारत(आप चाहें तो इंडिया कहें या हिंदुस्तान) काफ़िर मुल्क है या नहीं। यदि आप सचमुच धर्म की कट्टरता की बात करते हैं तो उत्तर दीजिये।
अनुराग श्रीवास्तव
गाजियाबाद

2 टिप्पणियाँ:

Voice Of The People ने कहा…

मैं ना तो गुफ़रान सिद्दकी साहब को जानता और ना ही यह बात कहां की हो ही हैं जानता. यह जानता हूँ की शायद काफ़िर लव्ज़ और कुरान क मसले पे कोई बात है.. हजरत अली(अ.स) जो की सभी मुसलमानों के कलिफा भी थे कह गए: एक मुसलमान दुसरे मुस्लमान का धर्म भाई है और बाकी सब इंसानियत के नाते भाई हैं.
इमाम हुसैन (अ.स) जो मुस्लिम्स के इमाम थे : कर्बला मैं ज़ालिम यजीद से कहा था, उनको क्यों क़त्ल करता है, मुझको हिंदुस्तान जाने दे जहाँ मुसलमान तो नहीं लेकिन इंसान बसते हैं.

ज़ैनब शेख ने कहा…

भाई Voice Of The People पहले शिया और सुन्नी आपस में एक दूसरे को मतभेद के चलते कत्ल करना बंद कर दें फिर इसके बाद आगे कहानी समझाइये कि कर्बला में जालिम यजीद से क्या किसने कहा और उसको किसने रिकार्ड करके किसी किताब के लेखक को सुनाया

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