आर्य हिंदू,द्रविड़ हिंदू,ब्राह्मण हिंदू,शूद्र हिंदू,मराठी हिंदू,तमिल हिंदू,कट्टर हिंदू,छद्मसेक्युलर हिंदू.........कितने सारे हिंदू????

बुधवार, 6 अक्तूबर 2010

अभी एक धूर्त राजनेता ने धर्म संबंधी कार्ड चलते हुए कहा कि आर्य हिंदू और द्रविड़ हिंदू......। बस लोगों ने उस कालिये की जुबान पकड़ कर झूला झूलना शुरू कर दिया और पींग बढ़ा कर नभ को छू लें वाली समीक्षाओं और आलोचनाओं के लिये मुँह फाड़ लिये।
अरे इन आलोचकों से कोई पूछ तो ले कि उस राजनेता ने कौन सी नई बात कह दी जो इतनी हाय-हत्या मचा कर अपना और दूसरों का समय खराब कर रहे हैं। ये तो पुराना पैंतरा है, वैसे तो मैं धर्म के बारे में क्या लिख सकता हूं क्योंकि मुझे धर्म और धार्मिकता की जरा भी समझ नहीं है और न ही मैं हिंदू हूं न ही मुस्लिम या अन्य किसी प्रचलित मान्यता से जुड़ा हूं। आप के परिप्रेक्ष्य में चिरकुटही राजनीति करने वाले लोग जरा इसी तरह से मुस्लिमों को शिया, सुन्नी, बोहरी, खोजा...... में बाँटने की बात करके देखें तो उन्हें तत्काल उनकी औकात बता दी जाती है इसलिये सारे बँटवारे हिंदुओं के हिस्से में ही आते हैं, आना भी चाहिये क्योंकि पहले से ही इतने बँटे हुए हैं कि वर्गीकरण थोड़ा और आगे चला गया तो क्या पहाड़ टूट पड़ा?
जय जय भड़ास

3 टिप्पणियाँ:

विरेन्द्र सिंह चौहान ने कहा…

I agree with you.

Congrats on this nice Bhadas Post.

Tausif Hindustani ने कहा…

अच्छा कटाक्ष किया है
dabirnews.blogspot.com

ZEAL ने कहा…

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सारे बँटवारे हिंदुओं के हिस्से में ही आते हैं, आना भी चाहिये क्योंकि पहले से ही इतने बँटे हुए हैं कि वर्गीकरण थोड़ा और आगे चला गया तो क्या पहाड़ टूट पड़ा?

behetreen kataaksh !

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