भड़ास पर अंततः यमराज आ ही गए लेकिन डरते-डरते.....

शुक्रवार, 10 दिसंबर 2010

यमराज मृत्यु के अधिष्ठाता देवता हैं हिंदू धर्मगृन्थों के अनुसार और हर जीवंत अस्तित्त्व को मुर्दा बनाने का श्रेय इन्हीं को जाता है। भड़ास से अधिक जीवंतता भला और किधर होगी जिसकी सांसों में अग्नि है और जोर से खांस दे तो तूफ़ान खड़ा हो जाता है तो भला इतना जीवंत अस्तित्त्व कब तक जीवित रहेगा अमरत्त्व का वरदान तो अब तक शायद मिला नहीं। मेरी माताजी के देहावसान को लेकर जो विवादास्पद आलेख अनूप मंडल के भाई लोग लिख रहे हैं उसमें अधिकतर लोग तो पालिटिकली करेक्ट रहने के लिये टिप्पणी देने से ही बचे रहे। अंततः यमराज स्वयं पधारे अपने ई-मेल आई.डी. के साथ कि मेरी शंका का निवारण करेंगे। पता नहीं क्यों यमराज को लग रहा है कि मैं दोगला हूं और मेरे दो गले हैं अरे यमराज महाशय मेरा एक ही गला है जिसे फाड़-फाड़ कर मैं चिल्लाता हूं और सबकी फाड़ता रहता हूं दोगलापन नहीं है मुझमें। मैं सदा से ही अंधश्रद्धा का विरोधी रहा हूं लेकिन श्रद्धा तो अंधी ही होती है साइंस नहीं वह तथ्यों और तर्कों के आधार पर अनुभवों की कसौटी पर चलते हुए नियम निर्धारित करता है। यदि हम मौजूदा साइंस को ही अंतिम सत्य मान लें तो ये आपका देवत्व ही हो सकता है मेरे जैसे भड़ासी की सहज जीवन शैली तो हरगिज़ नहीं। प्रभु श्री, आप तो नये शोध का मार्ग ही बंद करे दे रहे हैं जब आदरणीय जगदीश चंद्र बसु ने कहा कि वनस्पतियों में भी चेतना होती है और वे भी आपस में संकेतों का आदान-प्रदान करती हैं तो आप जैसी बुद्धि के साइंसदानों ने उनका भरपूर उपहास करा था ये तो हर साइंटिस्ट की नियति होती है कि उसे शुरुआती दौर में नकारा जाता है। आदरणीय यमराज, आपकी समझ कितनी साइंटिफ़िक है ये जरा सामने आकर विमर्श करिये मैं स्वयं आयुर्वेद में पी.एच.डी. हूं और अपनी सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी को बखूबी समझता हूं कि यदि मै इस विराट मंच से कोई भी गलत संदेश देता हूं तो मेरे न जाने कितने मानने वाले दिग्भ्रमित हो जाएंगे। भड़ास हमेशा से ही गम्भीर विषयों के विमर्श के लिये खुला रहा है लेकिन आप स्वयं मृत्यु के देवता होकर भड़ासियों के सामने पूर्ण परिचय के साथ आने में डर क्यों रहे हैं आपके बेनामी कमेंट तो हमें यही जता रहे हैं। डरिये मत हम अक्सर सिर्फ़ मानवों को ही भौंकते काटते हैं आप तो देवता हैं आपको नहीं काटेंगे।
अनूप मंडल के लोगों की बातें यदि बेसिरपैर की लगती हों तो सामने आकर जरा उनसे शास्त्रार्थ करिये और उनका मुंह बंद करा दीजिये किसने रोका है आपको??
आपका मेल आई.डी. लोगों को दोबारा बता दे रहा हूं शायद कोई आपसे नचिकेता की तरह कुछ और जानना चाहेगा।
mr_yamraj_ji@yahoo.com
जय जय भड़ास

2 टिप्पणियाँ:

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

गुरुदेव,
किस यमराज चूतिये पर इतना लम्बा चौड़ा लिख डाला.

जय जय भड़ास

شمس शम्स Shams ने कहा…

रजनीश सर ने सही कहा कि किस चूतिये पर इतना सब लिख डाला। अब तक तो वो उल्टी दस्त से मर भी चुका होगा आपने इस कदर जुलाब दे दिया है :)
जय जय भड़ास

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