आदरणीय महानुभाव

सोमवार, 21 फ़रवरी 2011


आदरणीय महानुभाव

पिछले कई महीनों से ब्राह्मण व आरण्‍यक साहित्‍यों के प्रमुख आख्‍यान ढूढने का प्रयास कर रहा हूँ
किन्‍तु न तो नेट पर उपलब्‍ध हो रहा है न ही कोई पुस्‍तक उपलब्‍ध हो पा रही है ।
यदि आप में से किसी के पास ऐसा कोई ग्रन्‍थ उपलब्‍ध हो जिसमें सभी ब्राह्मण ग्रन्‍थों व आरण्‍यक ग्रन्‍थों के प्रमुख आख्‍यानों का श्‍लोकांशों के साथ  हिन्‍दी भाषा में वर्णन हो तो कृपया सूचित करें ।
यदि ये ग्रन्‍थ नेट पर डाउनलोड करने हेतु उपलब्‍ध हो तो कृपया उक्‍त बेबसाइट का लिंक दें अन्‍यथा यदि पुस्‍तक रूप में उपलब्‍ध हो तो कृपया सूचित करें ।
साथ ही मेरे पते पर भेजने के लिये डाक खर्च सहित मूल्‍य भी बताएँ जिससे मैं आपको उचित मूल्‍य चुका कर अभीष्‍ट पुस्‍तक प्राप्‍त कर सकूँ ।।
मेरे लिये इन ग्रन्‍थों की संप्रति बहुत ही आवश्‍यकता है, यदि ये ग्रन्‍थ मुझे एक-दो महीने में न मिल पाए तो कदाचित मेरा शोध कार्य रिजेक्‍ट कर दिया जाएगा ।
अत: आप सभी बन्‍धु यदि हो सके तो कृपया सहायक हों

आप का आभारी रहूँगा ।

भवदीय: - आनन्‍द:

1 टिप्पणियाँ:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

आनंद भइया पहली बात कि ब्राह्मण ग्रन्थ और आरण्यक ग्रन्थ क्या हैं ये बात भड़ास पढ़ने-लिखने वाले भला क्या जानेंगे ये जगह बुद्धिमानों की तो हरगिज नहीं है इसलिये आपने ये सूचना इस जगह भेज कर गलती करी। इस सूचना को तमाम बौद्धिक ब्लागरों को प्रेषित करिये।
कदाचित जब मैं बुद्धि के प्रकोप से ग्रस्त था तब शतपथ और तैत्तरीय ब्राह्मण का जिक्र हुआ था गुरूदेव से।
जय जय भड़ास

प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। कोई भी अश्लील, अनैतिक, असामाजिक,राष्ट्रविरोधी तथा असंवैधानिक सामग्री यदि प्रकाशित करी जाती है तो वह प्रकाशन के 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएगी व लेखक सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। यदि आगंतुक कोई आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल संचालक को सूचित करें - rajneesh.newmedia@gmail.com अथवा आप हमें ऊपर दिए गये ब्लॉग के पते bharhaas.bhadas@blogger.com पर भी ई-मेल कर सकते हैं।
eXTReMe Tracker

  © भड़ास भड़ासीजन के द्वारा जय जय भड़ास२००८

Back to TOP