कभी तो हस लो

शनिवार, 12 मार्च 2011

पप्पू की प्यारी टीचर
पप्पू : पापा मेरी टीचर कितनी प्यारी है ना . . .!
पापा : बेटा टीचर मां के समान होती है.
पप्पू : पापा आप तो हमेशा अपने ही चक्कर में रहना.

1 टिप्पणियाँ:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

अमित भाई ये चुटकुला काफ़ी पहले सुन चुका हूं लेकिन एक बार फिर से पिता जी और पुत्र व गुरू शिष्यों के संबंधों के बीच होने वाले संवाद मजाक बन कर संस्कृति के पतन को दर्शा रहे हैं इस बात पर मुस्करा भी न पाया। बहरहाल हंसाने के प्रयास के धन्यवाद
जय जय भड़ास

प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। कोई भी अश्लील, अनैतिक, असामाजिक,राष्ट्रविरोधी तथा असंवैधानिक सामग्री यदि प्रकाशित करी जाती है तो वह प्रकाशन के 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएगी व लेखक सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। यदि आगंतुक कोई आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल संचालक को सूचित करें - rajneesh.newmedia@gmail.com अथवा आप हमें ऊपर दिए गये ब्लॉग के पते bharhaas.bhadas@blogger.com पर भी ई-मेल कर सकते हैं।
eXTReMe Tracker

  © भड़ास भड़ासीजन के द्वारा जय जय भड़ास२००८

Back to TOP