एक महत्वपूर्ण सुचना (आपका सहयोग आपेक्षित है )-मानसिक तनाव से ग्रस्त संजय को वैचारिक वायग्रा की आवश्यकता है

रविवार, 1 मई 2011

बेचारे संजय सीधे सवाल पूछ रहे है और सवालो का पता नहीं  
हा हा हा 
चलो सीधे सवालो के सीधे जवाब दे देते है बालक  संजय खुश हो जायेगा

१)  अरे तुम उस का नाम ( तुम अजमल आमिर कसाब का नाम नहीं जानते   )ऐसे बता  रहे हो जैसे की गोया की वो आतंकवादी न हो कर तुम्हारा जमाई है की नाम पूरा न लिया तो उस की शान में गुस्ताखी हो जायेगी 
२) @ तुम्हें हिंदी तक ठीक से लिखनी नहीं आती

  दिमाग के  फटे हुए नमूने हम सभी लोग यहाँ hindi  typewriter  पर type  नहीं करते  की तुम्हे शुद्ध हिंदी देखने को मिले , बावली के बावले यहाँ हम गूगल बाबा की मदद से ये लिखते है तो छोटी मोटी गलती तो होती रहती है
३ )  कम्प्यूटर तकनीक की समझ में तुम वीडियो और स्थिर इमेज में अंतर नहीं जानते
 टूटी हुई बंसी से निकले हुए फटे सुर के सरताज श्रीमान संजय कटेहुए जी आप या विचार विमर्श में आये है या अपना कम्पुटर ज्ञान बघारने ....:)
 ४  ) तुम्हे सपने में किसी ज्यानी ने बताया है की शोध पाती क्या है , जरा उस फट बास ज्यां को यहाँ बघारो ताकि हम उसे तुम्हारे पिछवाड़े में वापिस घुसा सके





7 टिप्पणियाँ:

प्रवीण शाह ने कहा…

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प्रिय अमित जी,

क्या बात यार, इतनी तगड़ी डोज नहीं देनी थी... अब संजय कटारनवरे कहीं चुप न हो जायें... मैं तो इंतजार में था कि ढेर सा माल भरे तांत्रिक पपीते बाजार में बेचने का काम शुरू करने वाले हैं वे...

एक और बात, क्या मेरी तरह तुमको नहीं लगता कि यह पूरा ब्लॉग ही अनूप मंडल के कब्जे में है ?


...

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

प्रवीण शाह जी आप यदि भड़ास को उतना समझते जितने समय से अमित भाई जुड़े हैं तो भड़ास पर ऐसा संदेह नहीं करते कि ब्लॉग अनूप मंडल या किसी के कब्जे में है। सच तो ये है कि यहां कंटेंट और सच उगलने पर संचालकों का भी कब्जा नहीं है ये वो मंच है जिसपर खुद मेरे ऊपर दाउद इब्राहिम जैसे अपराधी से संबंध होने और पैसा पाने का आरोप लगाया गया। यदि संचालक लोकतांत्रिक सोच न रखते तो इस बात को यहां प्रकाशित ही न होने देते लेकिन वो आरोप पूरे तार्किक तरीके से निपटाया गया।
आप भड़ास के स्वभाव से परिचित नहीं है इसलिये पूर्वाग्रह ग्रस्त हैं मुक्त होकर विमर्श करिये। कई बार लोगों को लगता है कि मुसलमानों का कब्जा है कई बार लगता है कि अनूप मंडल का कब्जा है तो निवेदन है कि आप यदि सक्रियता से लिखें तो किसने रोका है?
जय जय भड़ास

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

भाई प्रवीण ,
ये अनूप मंडल का परचार पाने का हथकंडे है की किसी धर्म ओ गाली दो तो आप को प्रचार मुफ्त मिलेगा ,
और हा यार जब भी संजय कही माल भरे पपीते बेचता मिले तो एक मेरे लिए भी ले लेना ....:)

हरभूषण ने कहा…

किसी धर्म?? सिर्फ़ जैन...
पपीतों में से जो बकरे की टांग, अंडे आदि निकले वो तुम क्या करोगे;)

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

हरभूषण भाई आपका sense of humer काफी बढिया है
आप कम शब्दों में असरदार बाते कहने में पूर्ण रूप से सक्षम है

sanjay ने कहा…

महागधे अनपढ़ जाहिल अमित जैन तुम जानबूझ कर हिंदी में तो शब्दों की हेराफ़ेरी करने के लिये गूगल के माथे ठीकरा फोड़ते थे अब कहोगे कि ह्यूमर की स्पेलिंग भी गूगल को नहीं आती। असल बात तो ये है कि तुम अपनी बात को बेहद कुटिलता से टरका लेने में माहिर हो लेकिन अब तुम्हारी चालाकी नहीं चलने वाली। डा.रूपेश ने शालू जैन को चालू कह दिया या नहीं लेकिन उसकी खोल तो दी इस पर तुम कुछ नहीं बोले क्या बात है कुमारी शालू जैन:)
जय जय भड़ास
संजय कटारनवरे
मुंबई

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

परम विद्वान ,४ वेदों के ज्ञाता , संसार के हर ज्ञान के ज्ञाता होने के ढोंगधारी श्रीमान बडबोले,टांग उठाऊ मूत्र विसर्जनकरता संजय जी आप कहे तो हम ठीकरा आप के माथे फोड दे ........:)

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