पकमुल्लो की नाजायज औलादें अब कुछ नहीं बोलेगी
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सतुआ बाबा बुलडोजर से माघ मेले में घूम लेता है लेकिन शंकराचार्य अपनी पालकी
नहीं ले जा पाए। यह बताता है कि सत्ता में बैठे लोग धर्म का सम्मान नहीं करते
बल्कि...
6 घंटे पहले


1 टिप्पणियाँ:
It seems true!!
Our Govt wanted to crush the satyagrahi's same way as they have done with Ram Dev Baba.
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