कुछ समय तो दीजिये
सोमवार, 23 फ़रवरी 2009
शब्दों के साथ ज्यादा खेलना नही आता । अपनी बात सरल व सहज शब्दों में कहना जानता हूँ । शायद सिविल सेवा की तैयारी का असर है । नया नया भडासी बना हूँ .....आप लोगों से मुकाबला कैसे कर सकता हूँ । आप तो गहरे पानी से मोती निकाल लेते है । अभी मै किनारे पर ही हूँ ...... कुछ समय तो दीजिये । मुझे किसी का मजाक बनाना नही आता । प्लीज़ मेरा भी मजाक नही बनाए । मेरी एक अलग सोच व भाषा है ।
सोचता हूँ .....भड़ास को अपने नजर से देखने की कोशिश .................
