हैती में आया महाभूकम्प अमेरिकन राक्षसों का प्रयोग है

बुधवार, 13 जनवरी 2010

हैती में आया महाभयंकर भूकम्प वहां की आबादी के बड़े हिस्से को लील गया है। आप सब जानते हैं कि भूकम्प के क्या कारण साइंस न बता रखे हैं। कैरिबियन द्वीपों की भौगोलिक स्थिति अमेरिका के लिये अपने अतिगोपनीय सैनिक उपक्रम यानि कि "हार्प"(HARP - high frequency active auto role research program) के प्रयोग को आजमाने के लिये एकदम सही है। फिर उसके बाद इस एशियाई खंडों पर आजमाया जाएगा। हार्प संसार का सबसे बड़ा आयनोस्फ़ेयर हीटर कहा जाता है। यह अलास्का से ४५० किलोमीटर दूर स्थापित करा गया है और इसके एक भाग में कार्य करने वाले अधिकारी को पता नहीं होता कि वह जो कार्य कर रहा है वह दूसरे खंड के किस काम आने वाला है यानि कि अत्यंत गोपनीय तरीका अमेरिकन सेना का। इस प्रयोगशाला द्वारा अंतरिक्ष में आयनोस्फ़ेयर को प्रभावित करने वाली सैकड़ों किलोमीटर की ऊंचाई तक हाई फ़्रिक्वेंसी रेडियो तरंगें छोड़ी जा सकती हैं। इस प्रकार धरती के मनचाहे स्थान के वातावरण में इच्छित परिवर्तन के साथ ही वहां के निवासियों के दिमाग को विचलित करने, समुद्री तूफ़ान उठाने, प्रचंड बारिश लाने, भूकम्प लाने, बाढ़ लाने जैसे अति भयानक कार्य करे जा सकते हैं जो कि देखने में कुदरती लगते हैं।
अत्यंत संताप की स्थिति है हैती में हमारे लाखों मानव विश्व बंधु इन दुष्ट राक्षसों के प्रयोग का शिकार हो गए हैं। अब दिखावे के लिये ये राक्षस सहायता का नाटक भी करने लगेंगे। किसी भी मानवीय ताकत को इस तरह से पंगु बना देने की राक्षसी शक्ति अब खुल कर सामने आ रही है। अब अमेरिकन कूटनीति के तहत सेना, बम , विमान, पनडुब्बी आदि की जरूरत नहीं रहेगी युद्ध में इन सब को इस्तेमाल नहीं करना है बल्कि इस तरह से किसी भी देश की कमर तोड़ देना है ताकि वह सदा सदा के लिये इन राक्षसों के साम्राज्य (जयति जिन शासनम) के आधीन हो जाए।
इस दुःख भरे खोजपूर्ण आलेख में दी गयी जानकारियां हमने जिन पुस्तकों से जुटाई हैं वे हैं -----
१) ’हार्प’ द अल्टीमेट वेपन औफ़ द कौन्सिपिरेसी : जैसी स्मिथ
२) अनलेस द पीस कम्स : गौर्डन जे।एफ़। मैक्डोनाल्ड
जय नकलंक देव
जय जय भड़ास

3 टिप्पणियाँ:

Suman ने कहा…

nice............nice............nice.......................

चन्दन कुमार ने कहा…

हमें तो पता ही नहीं था ठीक हुआ बता दिया. अब तो मैं अमेरिका को छोडुंगा नहीं.

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

चंदन कुमार जी
आपने अनूप मंडल की बातों को यदि समझा है तो उनकी ओर से आभार लेकिन ये तो बताएं कि अमेरिका को छोड़ेंगे तो नहीं ये ठीक है पर पकड़ेंगे कैसे???
जय जय भड़ास

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