लड़की को पैदा होते ही मार देना चाहिए-

शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

नई दिल्ली. भारत के उप-राष्ट्रपति की पत्नी ने शुक्रवार को यह कह कर एक विवाद की संभावनाओं को जन्‍म दे दिया कि लड़की के पैदा होते ही उसे मार दिया जाना चाहिए। अपने विचार खुल कर व्यक्त करने के लिए जानी जाने वाली सलमा अंसारी ने कहा कि माता-पिता को लड़की के पैदा होते ही उसे ज़हर देकर मार देना चाहिए। हालांकि सलमा ने यह बात समाज में लड़कियों के प्रति हो रहे अत्याचारों और बढ़ते अपराधों से दुखी होकर कही।

इससे पहले भी सलमा बेबाक राय के लिए विवादों में रह चुकी हैं। पिछले साल उन्होनें कहा था कि महिला आरक्षण बिल तब तक महिलाओं के किसी काम का नहीं है जब तक कि महिलाओं में जागरूकता न पैदा की जाए।

एक समारोह में उन्होनें पत्रकारों से कहा था कि सरकार कई योजनाएं चलाती है पर असल में कितनी महिलाएं हैं जो इसका फायदा उठा पाती हैं? जब तक  महिलाओं में जागरूकता पैदा नहीं की जाएगी तब तक कोई भी कानून बनाने का कोई फायदा नहीं हैं।

महिलाएं सबसे असुरक्षित हैं दिल्ली में
देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं पर अपराध के मामले काफी तेजी से बढ़े है। देश में महिलाएं सबसे ज्यादा दिल्ली में ही असुरक्षित हैं। देश में महिलाओं के खिलाफ घटित होने वाले कुल अपराधों में से 23. 8 फीसदी अपराध केवल दिल्ली में ही होते हैं। दिल्ली में चाहे ढाई साल की बच्ची हो या कॉलेज छात्रा या फिर घरेलू महिलाएं सभी अपराध की शिकार हो रही है। हालांकि अब उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध के काफी मामले सामने आ रहे हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा (साल 2009) आकड़ों के अनुसार महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामलों में बलात्कार, अपहरण, दहेज सम्बंधित हत्याएं, प्रताड़ना, छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी और अभद्र व्यवहार शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में साल 2009 के दौरान महिलाओं के अपहरण में 38.9 फीसदी, दहेज संबंधित हत्या के मामलों में 15.2 फीसदी और छेड़छाड़ के मामलों में भी 14.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है


आप  सभी बात के बारे मे क्या विचार रखते है 


इस खबर का मै स्रोत यहाँ है

2 टिप्पणियाँ:

honesty project democracy ने कहा…

शर्मनाक स्तर के भ्रष्टाचार से उपजी कुव्यवस्था और अराजकता भी महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध का कारण है.......इस तरह का आह्वान दिल्ली की मुख्यमंत्री शिला दीक्षित,मनमोहन सिंह,प्रतिभा पाटिल,सोनिया गाँधी तथा मायावती जैसे लोग जो संवेधानिक पदों पर बैठे है के लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने के लिए काफी है.........सरकार को शर्मनाक स्तर के मंत्रियों और उनके लूटेरे उद्योगपति साथियों को सरे आम फांसी हो इसके लिए 10000 करोड़ के त्वरित भ्रष्टाचार उन्मूलन अभियान चलाना चाहिए अन्ना हजारे तथा अरविन्द केजरीवाल जैसे लोगों के अगुवाई में......भ्रष्टाचार उन्मूलन से महिलाओं की स्थिति भी जरूर सुधरेगी......भ्रष्ट मंत्री इन्सान नहीं हैवान से भी बदतर हैं.....इनको सरे आम फांसी होनी ही चाहिए....

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

बाई जी ने जो बयान दिया है उसे अब खूब मरोड़ा जाएगा। लेकिन इतने बड़े पद पर बैठा व्यक्ति जब इतना लाचार होकर ऐसा बयान दे सकता है तो सोचिए कि आम आदमी का क्या हाल होता होगा ये तो बाई भी समझती हैं लेकिन ये उनकी बेशर्मी है कि स्थितियाँ बदलने की ताकत होने पर भी दुःख का ढकोसलात्मक प्रदर्शन और बयानबाजी कर रही हैं जोकि राजनेता सदा करते ही हैं।
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