अखंड बृह्मचारी बजरंग बली हनुमान जी के भक्तों के लिये खुशखबरी

मंगलवार, 27 सितंबर 2011


बचपन से लेकर आजतक आप सबने जो भी पढ़ा होगा वह आपको खुशी दे सका कि नहीं लेकिन आज आप जो पढ़ेंगे वो आपको इतनी खुशी देगा कि आप हमें अवश्य धन्यवाद करेंगे। हम सब जानते थे कि अखंड बृह्मचारी अमरता का वरदान प्राप्त भगवान श्री राम के अनन्य भक्त बजरंग बली हनुमान जी का चरित्र गृन्थों में वर्णित है।
"जैन रामायण"  आपको कुछ नया बता रही है जो कि आज तक आपने न तो कभी सुना होगा न ही पढ़ा होगा। जैन रामायण के अनुसार हनुमान जी न सिर्फ विवाहित थे बल्कि उनके राक्षस राज रावण से मधुर संबंध थे बल्कि भी रिश्तेदारी थी और तो और हनुमान जी की हजारों पत्नियाँ थीं ।(प्रमाण के तौर पर जैन रामायण के उक्त पन्ने का चित्र संलग्न है)
राक्षस जैनों ने हमारे धर्म गृन्थों में कैसे कैसे कुटिलतापूर्ण बदलाव करे हैं और हमारे आदरणीय देवी-देवताओं को चरित्रों को कलंकित करने के लिए कितनी झूठी कथाएं गढ़ कर हमारे गृन्थों में घुसा दी हैं कि आज का युवा इन कथाओं को सुन कर अपने देवी-देवताओं का मजाक बनाता है और इस तरह उसका धर्म पर से विश्वास ही उठ जाता है।

2 टिप्पणियाँ:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

हो सकता है कि ये रावण और हनुमान दूसरे हों क्योंकि एक नाम के दो व्यक्ति भी हो सकते हैं। दो राम, दो रावण, दो हनुमान.... दो रामायण ; एक हिन्दुओं की एक जैनों की । अब इस बात पर भी क्या अमित जैन को सफ़ाई देनी पड़ेगी?
जय जय भड़ास

ATUL MISHRA ने कहा…

अखंड बृह्मचारी बजरंग बली हनुमान जी के भक्तों के लिये खुशखबरी --- पोस्ट का जवाब

भारतीय समाज में बल सयम पौरुष के प्रतिक हनुमानजी के ब्रह्मचर्य पर उठाकर जो प्रमाण आपश्री ने दिया है वह सरासर झूठा है .
जैन समाज की अहिंसा, जीव रक्षा, तितिक्षा का हम तहेदिल से आदर कृते है > पर कुछ विकृत मस्तिष्क के लोग जो जैन व हिन्दू समाज में फूट डालना चाहते है इस तरह के व्यर्थ विवाद खड़े कर रहे है .
आजकल जैन रामायण, जैन पद्म पुराण इत्यादि ग्रन्थ जिनके प्रमाण उधृत किये जाते है . उनका मूल सत्य से दूर दूर तक का भी सम्बन्ध नहीं है .
हिन्दू धर्मं ग्रंथो में विकृतिया करके ये ग्रन्थ बनाये गए है . आपको हंसी आयेगे उन्हें पढ़कर भगवन राम, रजा दशरथ को भी उन्होंने जैन धर्म में दीक्षित बताया है. मैंने उनका कुछ अध्ययन किया है >
आजकल तो कही कही पर ताड़ पत्र पर लोग विशेष प्रक्रिया से श्लोक उकेर देंगे, फिर आपसे बोलेगे की ये सेकड़ो साल पुराना है >
सो सुज्ञ पाठक विचलित न हो > इस बात में कोई दम नहीं है > हिन्दू साश्त्रो में महाभारत, श्रीमद वल्मीके रामायण आदि प्रमाणिक ग्रन्थ उपलब्ध है जिनमे हनुमानजी के सुन्दर चरित्रों का वर्णन है .
और किसी को प्रमाण चाहिए तो इस युग में आज भी हनुमान जी प्रकट हो सकते है > भक्तो के कार्य सिद्ध करते है .
किसीके दिमाक में हनुमान जी के ब्रह्मचारी न होने का भूत लगा हो तो हम असी विधि जानते है जिससे हनुमानजी स्वयं प्रगट होंगे . पर आपका उसमे सयमी होना जरूरी है > आज के आरोप लगाने वाले लोग उनके ब्रह्मचर्य का तेज सहने लायक नही है >
सो उनकी बातो में सुज्ञ पाठक न आये .

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