आपका व्यवहार ही जैन धर्म को शर्मिंदा कर रहा है।

बुधवार, 2 नवंबर 2011


ये सब क्या है अमित???इसे भड़ास नहीं क्रोध कहते हैं इसके कारण आपकी बुद्धि भ्रष्ट हो गयी है। अपने ही किसी जैन मुनि से पूछ लीजियेगा यदि वह आपके इस व्यवहार को उचित ठहरा दे तो हम भी मान जाएंगे कि आप सही कर रहे हैं। आप माँ-बहन को बीच में लाकर क्या जताना चाहते हैं? आपने जो लिखा है वह बेहद शर्मनाक है भड़ास पर रह कर करना आप इसे अपने निजी ब्लॉग पर लिखिये यदि लिखना ही है। आपके जवाब को दुनिया भर में लोग देखते हैं सोचिये कि जैन धर्म के मानने वालों के व्यवहार के प्रति कैसा संदेश जा रहा है एक आप जैसे दुर्मति के कारण। आपका व्यवहार ही जैन धर्म को शर्मिंदा कर रहा है। तुमने तो माँ बहनों को लज्जित कर दिया। तुम जिद्दी हो ये तो हम सब जानते हैं लेकिन माँ बहनों के प्रति ऐसा व्यवहार?? अब ये मत कहने लगना पहले की तरह की ये सब तुमने नहीं लिखा किसी दूसरे ने तुम्हारे नाम से लिख दिया है। ये बेवकूफ़ी तुम पहले करे गए अभद्र व्यवहार में कर चुके हो। माफ़ी मांगो तुरंत।
जय जय भड़ास

2 टिप्पणियाँ:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

ऐसा मत लिखिये भड़ास पर पधारी अतिथि जो कि किलर झपाटा नाम से कमेंट करती हैं वे नाराज हो जाएंगी। निजी मतभेदों में वो माँ-बहन-बेटी आदि को खींच लेना सही मानती हैं। शायद ये उनकी परम्परा है।
जय जय भड़ास

हिज(ड़ा) हाईनेस मनीषा ने कहा…

अमित जैन ने जो करा है उससे जैन धर्म लज्जित हो न हो लेकिन उनकी माँ-बहन जरूर लज्जित होंगी।
जय जय भड़ास

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