ये मेरी माँ के साथ ही अपनी पत्नी को भी यही सब लिख रहा है

मंगलवार, 1 नवंबर 2011


आदरणीय गुरूजी आप इसे दुरुस्त करना हम पर छोड़ दीजिये। इसकी हर गाली का जवाब मेरे पास है आजकल आप देख रहे हैं कि इसका वकील नए मुखौटे में भड़ास पर बिलबिला रहा है। ये जो भी लिख रहा है अपने राक्षसी आसुरी स्वाभाविक नंगेपन के कारण लिख रहा है। हम तो हमेशा से ही इसकी पत्नी तक को अपनी बहन मानते आए हैं तो सोच लीजिये कि ये गाली किसे दे रहा है। यदि ये मेरी माँ के साथ ही अपनी पत्नी को भी यही सब लिख रहा है तो देख लीजिये कि ये कितना नीच है ये तो आपकी बेटी हमारी बहन आएशा के बारे में भी ऐसी ही नीच कुत्सित बातें लिख चुका है।
अब प्राकर्तिक(प्राकृतिक नहीं) चिकित्सक बन गया है तो नंगापन तो प्रकृति में है और इसके धर्म में लेकिन समाज में नहीं इसलिये इन जैसे राक्षसों का मानव समाज से बाहर स्थान होना चाहिये।
जय जय भड़ास

4 टिप्पणियाँ:

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

अमित जैन आपने अब तक कुछ भी नहीं बोला क्या बात है जितना बोलना था बोल चुके या माँ बहनों को देने वाली गालियाँ समाप्त हो गयीं? ऐसा भी हो सकता है कि पिछली बार की तरह जिद करके बैठे हो या फिर किसी ने जैन धर्म के उपदेश देकर क्रोध शांत कर दिया होगा। निर्लज्जता की सीमा पर आ जाते हो आप बार बार लेकिन ये आपका स्वभाव है हम आपको ऐसा ही स्वीकार चुके हैं। आपकी एक नयी समर्थक बहन किल्ली झपाटिन भड़ास पर अवतरित हुई हैं उनका भी स्वागत है।
जय जय भड़ास

किलर झपाटा ने कहा…

बहुत सुन्दर।

कृपया निम्न लेख को बिल्कुल न पढ़े।

"किलर झपाटे पर मर मिटी बेचारी दिव्या ज़ील"

http://killerjhapata.blogspot.com/2011/11/blog-post.html

धन्यवाद।

डा.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava) ने कहा…

अब आपने कहा है तो मान लेता हूँ नहीं पढूंगा आपका लेख । वैसे अब तो आप वेश्याओं की तरह विज्ञापनी अंदाज में लिखने लगी हैं बहन किल्ली झपाटिन । कोई बात नहीं यदि पहलवानी तो आपका शौक है हो सकता है कि जीविका का साधन ये ही हो, मुझे कोई परेशानी नहीं लेकिन आपके साथ सहानुभुति अवश्य है न जाने किस मजबूरी के चलते आपको वेश्यावृत्ति अपनानी पड़ी होगी। आपकी विकृत यौन मनोरुग्णता भी इसके लिये जिम्मेदार हो सकती है। बहरहाल सम्पर्क में बनी रहेंगी तो कदाचित भड़ासायुर्वेद की सेवा लेने का भी मौका लगे और आप स्वस्थ हो जाएं।
जय जय भड़ास

हिज(ड़ा) हाईनेस मनीषा ने कहा…

माँ-बहन को आपस के मतभेद में लाकर अपमानित करना कायरता है। अमित जैन को कोई शर्मिन्दगी नहीं है ठीक ऐसा ही उन्होंने पिछली बार भी करा था जब उन्होंने आएशा के बारे में अत्यंत गलीज़ और घिनौनी बातें लिखी थीं। अमित जैन यदि जरा भी शर्म हो तो माफ़ी माँगो अपनी इस नीच हरकत के लिये ।
जय जय भड़ास

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