लीद बेंचता बनिया, कहता उसको धनिया : हिंदी हो गयी चिथड़े-चिंदी

गुरुवार, 26 फ़रवरी 2009

हिंदी बोलने और जीने में शर्म का एहसास है ये जताते हुए बनिया के पंखे

भड़ासियों को याद है कि भड़ास हिंदी का ब्लाग है जो देसज और ग्रामीण सोच के साथ चलने के लिये कटिबद्ध रहा है। हममें से अधिकांश लोग ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं भले ही कुछ समय पहले या कुछ पीढ़ियों पहले लेकिन अब तक हमारे ऊपर महानगरीय सभ्यता(?) का प्रभाव पड़ा नहीं है हम अभी भी पड़ोसी के दुःख में रो लेते हैं, ठोकर खा कर गिरे बूढ़े दादाजी को उठाने के चक्कर में हमारी बस या लोकल ट्रेन आज भी छूट जाती है जिसका हमें अफ़सोस तो होता है लेकिन मन में शान्ति होती है किसी जरूरतमंद की मदद कर पाने की; हम भड़ासियों का यही जज़्बा हमें आज भी हमारी मिट्टी से जोड़े है।
लेकिन जब हम संवेदनाएं बेचना शुरू करते हैं तो फिर ये नहीं देखते कि क्या आदर्श हैं या क्या सिद्धांत हैं, थूक कर चाटना सही है या नहीं.....? हम तो बस बेंचते हैं हर वो बात जो बिक रही है, चाहे राष्ट्रप्रेम हो या सेक्स या फिर अंग्रेजियत का वो जामा जो हमें हमारे गंवई और "देसी" होने का एहसास दिलाता है वही हो रहा है आज दुनिया के सबसे बड़े हिंदी के ब्लाग होने का झूठा, खोखला और पोकल दावा करने वाली पंखों वाली भड़ास पर। वहां पौने दो सौ पंखे हैं , तानाशाही है जो तोलूगिरी करेगा वही टिकेगा वरना सदस्यता समाप्त...., दुनिया का सबसे बड़ा है लेकिन फिर भी "blog" शब्द को चिपका कर अपने वर्णसंकर होने का एलान कर रहा है कि अबसे ये सिर्फ़ हिंदी की बात नहीं करेगा न ही देवनागरी की अब यहां अंग्रेजी भी पेली जाएगी। इसी का प्रमाण है ये पोस्ट जो कि बता रही है कि अब वहां गंवार हिंदी बोलने वालों और हिंदी में विचारों की अभिव्यक्ति करने वालों को अंग्रेजी की ट्यूशन पढ़ायी जाएगी ताकि लेखकों की वैचरिक "जीन्स" में हेराफ़ेरी करके उनके स्वाभिमान में लिजलिजापन लाया जा सके। आपको एहसास कराया जाएगा कि जो अंग्रेजी जानता है वही चलता है वही श्रेष्ठ है बाकी सब तो पिछड़े और जाहिल हैं।
जय जय भड़ास

3 टिप्पणियाँ:

Manoj dwivedi ने कहा…

GURUJI kas kar li hai apne.. hindi ki khate hain aur angreji me latrin jate hai..shayad waha bhi kagaz se hi kam chalate hain..

बेनामी ने कहा…

guru ji, bahut sahi likha hai. aise hi pelte rahiye. aapke paas aur koyi kaam to hai nahi.

अमित जैन (जोक्पीडिया ) ने कहा…

क्या भड़ास blog इस कलम की मार को सह पायेगा ?
नहीं
बेचारा टूट टूट कर टुकड़े टुकड़े हो जायगा /
बहुत बढ़िया तरीका है उन को उन की तस्वीर दिखाने का

प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। कोई भी अश्लील, अनैतिक, असामाजिक,राष्ट्रविरोधी तथा असंवैधानिक सामग्री यदि प्रकाशित करी जाती है तो वह प्रकाशन के 24 घंटे के भीतर हटा दी जाएगी व लेखक सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। यदि आगंतुक कोई आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल संचालक को सूचित करें - rajneesh.newmedia@gmail.com अथवा आप हमें ऊपर दिए गये ब्लॉग के पते bharhaas.bhadas@blogger.com पर भी ई-मेल कर सकते हैं।
eXTReMe Tracker

  © भड़ास भड़ासीजन के द्वारा जय जय भड़ास२००८

Back to TOP